Saurabh Rajput Murder Case: मेरठ के बहुचर्चित नीला ड्रम सौरभ राजपूत हत्याकांड में आज जिला जज की अदालत अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाएगी। इस सनसनीखेज मामले में सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसका प्रेमी साहिल शुक्ला मुख्य आरोपी हैं। पिछले 13 महीनों से चल रही लंबी न्यायिक प्रक्रिया के दौरान कुल 126 पेशियां हुईं और अभियोजन पक्ष की ओर से 22 महत्वपूर्ण गवाह अदालत में पेश किए गए। इस मामले की अंतिम बहस गत 17 सितंबर को पूरी हो चुकी थी, जिसके बाद से पूरे क्षेत्र की निगाहें आज के इस फैसले पर टिकी हुई हैं। परिजनों का छलका दर्द, फांसी की मांग न्यायालय के बाहर मीडिया और परिजनों से बात करते हुए सौरभ राजपूत की मां का दर्द छलक उठा। बेटे की निर्मम हत्या को याद कर मां फफक-फफक कर रो पड़ीं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें और उनके परिवार को फांसी की सजा से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। मां का कहना है कि मुस्कान और साहिल को मौत की सजा मिलने पर ही उनके कलेजे को ठंडक और सुकून मिलेगा।यही नहीं, सौरभ के भाई ने भी अदालत में गवाही देते हुए पुरानी बातों को याद किया था। उन्होंने नम आंखों से बताया कि मुस्कान उनके भाई से अक्सर झगड़ा करती थी और अंत में उसने योजनाबद्ध तरीके से भाई की हत्या कर दी। पीड़ित परिवार और रिश्तेदारों ने अदालत से न्याय की गुहार लगाते हुए दोनों आरोपियों के लिए केवल और केवल मृत्युदंड की मांग की है। कचहरी परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम फैसले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए मेरठ कचहरी परिसर को कड़े सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। पुलिस प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। कोर्ट परिसर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की भारी तैनाती की गई है और आने-जाने वाले हर संदिग्ध व्यक्ति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। फैसले के वक्त अदालत कक्ष में दोनों पक्षों के लोग और दोनों आरोपी भी मौजूद रहेंगे। सबकी निगाहें अदालत के फैसले पर अदालत सबसे पहले यह तय करेगी कि दोनों आरोपी सौरभ की हत्या के मामले में दोषी हैं या नहीं। दोष सिद्ध होने की स्थिति में सजा के बिंदु पर सुनवाई होगी। अभियोजन पक्ष ने जहां दोनों के लिए फांसी की मांग की है, वहीं बचाव पक्ष ने सभी आरोपों से इनकार किया है। अब देखना यह होगा कि अदालत इस बहुचर्चित हत्याकांड पर क्या फैसला सुनाती है। ये भी पढ़ें: 21 साल पुरानी हत्या का बदला, बेटों ने पिता के हत्यारे को बांके से काट डाला